इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के मुताबिक देश भर में अब तक 3 करोड़ 44 लाख से ज्यादा लोगों के टेस्ट किए जा चुके हैं
भारत में इन दिनों हर रोज़ कोरोना (Coronavirus) के मरीज़ रिकॉर्ड संख्या में मिल रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से हर दिन 68 हज़ार से ज्यादा नए मरीज़ सामने आ रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है ज्यादा से ज्यादा कोरोना के टेस्ट(Corona Test). शुक्रवार को भारत में पहली बार एक दिन में 10 लाख से ज्यादा सैंपल के टेस्ट किए गए. ये भारत के लिए एक दिन का रिकॉर्ड है. मोदी सरकार ने दो महीने पहले रोजाना 10 लाख टेस्ट का लक्ष्य रखा था, जिसे आखिरकार अगस्त के महीने में पूरा कर लिया गया. आने वाले दिनों में उम्मीद की जा रही है कि ये संख्या और भी ज्यादा बढ़ेगी.
हर राज्य में हो रहे हैं ज्यादा टेस्ट
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के मुताबिक देश भर में अब तक 3 करोड़ 44 लाख से ज्यादा टेस्ट किए जा चुके हैं. फरवरी के महीने में जब कोरोना ने भारत में दस्तक दी थी उस उक्त देश में टेस्ट के लिए सिर्फ एक लैब पुणे में था, लेकिन अब देश के लगभग हर कोने में करीब 1500 लैब कोरोना के टेस्ट कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्य जहां कोरोना के काफी कम टेस्ट हो रहे थे अब वहां भी हर रोज औसतन एक लाख टेस्ट हो रहे हैं.
चीन सबसे आगे!
दुनिया के बाकी देशों की बात की जाए तो फिलहाल सबसे ज्यादा टेस्ट चीन में हो रहे हैं. यहां एक दिन में औसतन 30 लाख लोगों के टेस्ट किए जा रहे हैं. लेकिन बता दें कि चीन सिर्फ दावे करता है. वो अधिकारिक आंकड़े दुनिया के सामने नहीं रखता. दूसरे नंबर पर अब भारत पहुंच गया है. उधर अमेरिका में इन दिनों हर रोज औसतन 8 लाख टेस्ट हो रहे हैं. इस वक्त भारत में हर एक हजार लोगों पर 26 लोगों के टेस्ट हो रहे हैं. अमेरिका में ये आंकड़ा 206 है. इस लिस्ट में डेनमार्क टॉप पर है. यहां हर एक हज़ार की आबादी पर 350 लोगों के टेस्ट हो रहे हैं. चीन ये आंकड़ा जारी नहीं करता है.
हर दिन रिकॉर्ड टेस्ट
भारत में अब हर रोज़ 10 लाख लोगों पर 600 से ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइन के मुताबिक हर रोज़ 10 लाख की आबादी पर 140 टेस्ट जरूरी है. अच्छी बात ये है कि देश के अब हर राज्य एक दिन में 10 लाख लोगों पर 140 से ज्यादा टेस्ट कर रहे हैं. फिलहाल कोरोना के इलाज के लिए कोई कारगर दवाई नहीं है. हर किसी को वैक्सीन का इंतज़ार है. ऐसे में ज्यादा टेस्ट करने के बाद ही इस वायरस को फैलने से रोका जा सकता है.












