सरकार ने ESIC स्कीम के नियमों में ढील देने का फैसला किया है, जिसके बाद करीब 41 लाख इंडस्ट्रियल वर्कर्स को लाभ मिल सकेगा. इस प्रस्ताव को ESIC बोर्ड ने मंजूरी दी. हालांकि, मंत्रालय की तरफ से इस बारे में कोई औपचारिक बयान आना बाकी है.
कोरोना महामारी के दौरान बड़े पैमाने पर लोग नौकरी से हाथ धो बैठे हैं. सैलरी नहीं मिलने की वजह से करोड़ों लोगों के सामने आजीविका को लेकर समस्याएं पैदा हो गई हैं. ऐसे में केंद्र सरकार इन सभी बेरोजगार लोगों के लिए राहत भरी खबर लाई है. अगर कोई कोरोना काल में बेरोजगार हुआ है तो उसे बेरोजगारी भत्ता मिलेगा. आइए आपको बताते हैं कि आप इस स्कीम का कैसे फायदा उठा पाएंगे…
इस स्कीम का लाभ उन लोगों को मिलेगा जो वर्कर्स एंप्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) के तहत रजिस्टर्ड हैं. वर्कर्स को फायदा देने के लिए अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना, जिसका संचालन ESIC की तरफ से किया जाता है, उसे 30 जून 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. इसी कल्याण योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता मिलता है.
ये हैं शर्तें: ये पैसा केवल उन्हीं वर्कर्स को मिलेगा जो ESI स्कीम के साथ कम से कम पिछले दो सालों से जुड़े हैं. मतलब केवल उन्हीं वर्कर्स को इसका लाभ मिलेगा जो 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2020 तक इस स्कीम से जुड़े रहे. इस दौरान 1 अक्टूबर 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच कम से कम 78 दिनों का कामकाज जरूरी है.
तीन महीने तक मिलेगी आधी सैलरी: बेरोजगार शख्स अधिकतम 90 दिनों (तीन महीने ) के लिए इस भत्ते का फायदा उठा सकता है. वह तीन महीने के लिए औसत सैलरी का 50 फीसदी क्लेम कर सकता है. पहले यह सीमा 25 फीसदी थी. एक और नियम में बदलाव किया गया है. पहले बेरोजगार होने के 90 दिनों के बाद इसका फायदा उठाया जा सकता था. फिलहाल इसे घटाकर 30 दिन कर दिया गया है. यह जानकारी लेबर ऐंड एंप्लॉयमेंट मिनिस्टर संतोष गंगवार ने दी है.
किन लोगों को मिलता है ESIC स्कीम का फायदा? जानकारी के लिए बता दें कि जो वर्कर्स एक लिमिट तक कमाते हैं उनके लिए ESI स्कीम होती है. जिस फैक्ट्री में 10 या उससे ज्यादा मजदूर होते हैं, वहां यह स्कीम लागू होती है. उनकी सैलरी अगर 21 हजार तक होती है तो यह स्कीम लागू होगी. ईएसआई के तहत देश की करीब 3.5 करोड़ फैमिली यूनिट शामिल है, जिसके कारण करीब 13.5 करोड़ लोगों को कैश और मेडिकल बेनिफिट मिलता है.












