सुइथाकलाँ, जौनपुर।भारत की आत्मा गाँवों मे बसती है,आज यह केवल कहने भर को ही है।सत्यता आज इसके विपरीत है।जी हाँ!यदि देखना है तो बारिश के दिनों में जिले में सुदूर स्थित विकास खण्ड सुईथाकला के सारीजहाँगीर पट्टी गांव का दर्शन अवश्य करें।इस गांव से गुजरने वाली सारी मोड़-अर्सिया मार्ग स्थानीय प्रशासन की उपेक्षा के चलते समूचे तरह से तालाब के रूप में तब्दील हो जाती है।
बारिश के दिनों में इस मार्ग से गुजरना टेढ़ी खीर साबित होता है।गौरतलब हो कि वर्तमान की केन्द्र व प्रदेश की सरकार जहाँ गाँवों की दशा और दिशा सुधारने के लिए दृढसंकल्पित होकर करोड़ों का वारा न्यारा करने पर कटिबद्ध है वहीं उक्त गाँव का स्थानीय प्रशासन जल निकास की उचित व्यवस्था न कर वर्तमान सरकार के मंशा पर पानी फेरते नजर आ रही है।
जल निकासी के अभाव के चलते बारिश के दिनों में सारी मोड़ अर्सिया मार्ग अपने उद्देश्य मे असफल हो रही है।जबकि इस मार्ग से अर्सिया बाजार ,जैनपुर, बेनीपुर, सड़हरा आदि जगहों को रोजाना सैकड़ों की संख्या में आने जाने वाले राहगीरों को इस संकट से रूबरू होना पड़ता है।आए दिन कोई न कोई इसमें गिरकर स्थानीय प्रशासन को कोसता रहता है।लोग वर्षों से इस संकट से उबरने के लिए शासन प्रशासन की तरफ आस लगाए बैठे हैं।












