सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट (HC) ने लखनऊ पुलिस की कार्रवाई पर टिप्पणी की. हाईकोर्ट ने कहा कि प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के कहने पर संदीप ने पत्र लिखा था लेकिन पुलिस ने प्रियंका को आरोपी नहीं बनाया.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में लॉक डाउन (Lockdown) के दौरान प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) के लिए बसों (Bus) का इंतजाम करने के मामले में एफआईआर झेल रहे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Congress General Secretary Priyanka Gandhi) के निजी सचिव संदीप सिंह (Sandeep Singh) को हाईकोर्ट (HC) से अग्रिम जमानत मिल गई है. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने संदीप की याचिका पर अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) मंजूर कर ली है. कोर्ट ने एक लाख के मुचलके और इतनी ही धनराशि की 2 जमानतें दाखिल करने का आदेश दिया है.
प्रियंका को आरोपी नहीं बनाया: HC
इस दौरान हाईकोर्ट ने लखनऊ पुलिस की कार्रवाई पर टिप्पणी की. हाईकोर्ट कहा कि प्रियंका गांधी के कहने पर संदीप ने पत्र लिखा था लेकिन पुलिस ने प्रियंका को आरोपी नहीं बनाया.
1000 बसों का है ये पूरा विवाद
बता दें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर उत्तर प्रदेश में खूब सियासी तनातनी रही. इस दौरान कांग्रेस की तरफ से प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए 1000 बसें देने के लिए यूपी सरकार को पत्र लिखा गया था. मामले में सरकार की तरफ से बसों की डिटेल मांगी गई थी, इस पार कांग्रेस की तरफ से जो लिस्ट दी गई, उसमें कई खामियां उजागर हुईं. इसके बाद जांच के बाद लखनऊ पुलिस ने बसों के नंबर, परमिट में धोखाधड़ी पर प्रियंका के निजी सचिव संदीप सिंह पर एफआईआर दर्ज की.
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को गिरफ्तार किया था पुलिस ने
मामले में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू गिरफ्तार हुए और जेल में कई दिन बिताने के बाद वह जमानत पर छूटे. वहीं संदीप सिंह को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी. उधर गिरफ्तारी से बचने के लिए संदीप सिंह ने कोर्ट की शरण ली थी. हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने संदीप सिंह की अग्रिम ज़मानत मंजूर करते हुए कहा कि विवेचना समाप्त होने तक ये अग्रिम जमानत प्रभावी रहेगी.












