आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या पर्यंत अस्वस्थ चल रहे भगवान श्री जगन्नाथ जी,देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र जी आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गए। चिकित्सकों के संयुक्त दल ने आज प्रातः भगवान का स्वास्थ्य परीक्षण पौराणिक परंपरा अनुसार किया ।
विगत 15 दिनों से दिए जाने वाले सोढ, गुड ,काली मिर्च, तुलसी जी की पत्ती,गिलोय ,मुलेठी आदि से निर्मित काढ़े के स्थान पर प्रातः चिकित्सकीय परामर्श के उपरांत भगवान को परवल के जूस का भोग प्रसाद अर्पण किया गया। कल अषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया दिनांक23 जून को प्रातः भगवान श्री जगन्नाथ जी, देवी सुभद्रा व भगवान बलभद्र जी का षोडशोपचार पूजन एवं राजसी खिचड़ी का भोग प्रसाद अर्पण किया जाएगा तथा भगवान की महा आरती के साथ विगत 15 दिनों से बंद चल रहे भगवान के पट सामाजिक दर्शन पूजन हेतु खोल दिए जाएंगे ।
आम जनमानस के दर्शनार्थ कल ही के दिन अर्थात आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भगवान श्री जगन्नाथ जी, देवी सुभद्रा,भगवान श्री बलभद्र जी की भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाता था परंतु वैश्विक महामारी एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रथयात्रा पर रोक के कारण इस वर्ष भगवान श्री जगन्नाथ जी की डिजिटल रथयात्रा का आयोजन किया गया है इसका प्रसारण सोशल मीडिया पर कल अपराहन रथयात्रा के पारंपरिक समय पर प्रसारण किया जाएगा ।
आज के स्वास्थ्य परीक्षण में डॉ अजीत कपूर, डॉ अशोक कुमार अस्थाना एवं डॉ विकास रस्तोगी के अतिरिक्त
आचार्य डॉ रजनी कांत द्विवेदी संतोषगुप्ता, दिनेश कपूर ,रथ यात्रा समिति के अध्यक्ष श्री शशांक सिंह रानू ,शिव शंकर साहू ,निशाकांत द्विवेदी ,आशीष यादव ,नीरज श्रीवास्तव आदि की प्रमुख रूप से उपस्थिति रही।।












