गभिरन ( जौनपुर) 14 मार्च उसरौली शहाबुद्दीनपुर संस्कृत विद्यालय पर आयोजित सप्त दिवसीय भागवत कथा के प्रारंभ अवसर पर शनिवार को गाजे बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। 108 कन्याओ ने मंदिर प्रांगण मे स्थित तालाब से पवित्र जल भर सिर पर कलश रख पूरे गाँव का भ्रमण किया। यज्ञाचार्य पंडित सुबाष चन्द पाण्डेय जी महराज ने वैदिक रीति से मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन कराया। उसके बाद यात्रा निकाली गई।
श्री महराज ने कहा कि कलश में जल के देवता भगवान वरुण के साथ साथ सभी देवीय शक्तियों का वास होता है। जब यह कलश नारी के सिर पर विद्यमान होता है तो उसकी शक्ति और धार्मिक महत्ता कई गुना और बढ़ जाती है। नारी खुद दैवीय शक्ति का प्रतीक है। जब वह कलश भी अपने साथ ले लेती है तो दोनों शक्तियां मिलकर एक हो जाती हैं। जिनका श्रद्धा भाव से दर्शन मात्र से मानव के दोष दूर हो जाते है। कलश यात्रा में शामिल होने मात्र से कई तीर्थो का फल मिल जाता है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान तन, मन और अंतःकरण में अपने ईष्ट का स्मरण करते हुए पग आगे बढ़ाते रहना चाहिए।
श्री आचार्य जी महराज ने कहा कि कलश यात्रा एक महान धार्मिक उत्सव होने के साथ साथ आगे होने वाले किसी धार्मिक कार्यक्रम का पूर्व संदेश भी देता है। कार्यक्रम के आयोजक व मुख्य यजमान डा0 कमलेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि कथा वाचक आचार्य पंडित सुबाष चन्द पाण्डेय जी महाराज की अमृतवाणी मे आज से ही सप्त दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ हो जायेगा। कलश यात्रा में पं राधेश्याम उपाध्याय रामअछैवर पाण्डेय रुदू यादव सूरज पाण्डेय छोटू पाण्डेय शनि पाण्डेय श्यामसुन्दर उपाध्याय मन्जू पाण्डेय सत्यम प्रजापति मंचला आदि सामिल रहे।











