सेंटजॉन्स स्कूल, सिद्दीकपुर,जौनपुर के प्रधानाचार्य परम् श्रद्धेय फादर पी.विक्टर ने गौरेया-संरक्षण के लिए कदम उठाया।प्रधानाचार्य ने विद्यालय परिसर में जगह-जगह गौरैयों के लिए गौरेया-गृह (घोसला) लगवाया ताकि शहरी वातावरण में भी पशु-पक्षियों का संरक्षण हो सके।इन दिनों गौरेया विलुप्त प्राय -सी हो गईं हैं।शहरीकरण एवं पेड़ों के कटने से घरों के आँगन में फुदकने और चहकने वाली गौरेया देखने को नहीं मिल रही है।ऐसी स्थिति में गौरेया-संरक्षण हेतु प्रधानाचार्य जी का यह कदम एक मिसाल कायम करेगी।प्रकृति-प्रेमी प्रधानाचार्य परम् श्रद्धेय फादर पी.विक्टर ने इस अवसर पर कहा कि पशु-पक्षियों को ईश्वर ने मनुष्यों से पहले बनाया और मनुष्यों को बाद में।प्रभु ने मनुष्यों को विचारशील,विवेकी,दयालु बनाया ताकि मनुष्य जीव-जंतु ,पशु-पक्षियों,नदी-तालाबों आदि का संरक्षण कर सके।पशु-पक्षियों एवं जीव-जंतु के साथ मानव का अन्योन्याश्रित सम्बंध है।एक के रहने पर दूसरे का जीवन सुखी एवं आनंददायक होगा।प्रकृति ने हमें हरे-भरे वृक्ष,चहचहाते पक्षी,किल्लोल करते पशु,कल-कल करती नदियाँ, गगनचुंबी पर्वत,हरी-भरी घाटियाँ आदि प्रदान किया ताकि हम आनन्दित रह सकें।हम मनुष्यों का भी प्रकृति के प्रति कुछ जिम्मेदारी है।हमें उस जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा ताकि हमारा जीवन सुखमय बन सके।हमें अपनी प्राचीन संस्कृति के अनुरूप विकास करना होगा ताकि हमारा सही मायने में विकास हो न कि एकांगी।एकांगी विकास जिसमें प्रकृति का ख्याल नहीं रखा जाता वस्तुतः वह विनाश ही है।प्रधानाचार्य जी ने बच्चों एवं शिक्षकों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया।
इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक पीएस यादव,नीरज मिश्र,प्रवीण उपाध्याय,अरविंद मिश्र,परवेज अहमद,सौरभ सिन्हा, नीलम मिश्रा,चंचल सिंह आदि उपस्थित रहे।












