प्रोफेसर वंदना राय, संकायाध्यक्ष विज्ञान संकाय व विभागाध्यक्ष बायोटेक्नोलॉजी विभाग को उनके द्वारा मानव स्वास्थ्य से जुड़ी शोध व ह्यूमन मॉलिक्युलर जेनेटिक्स में पिछले बीस वर्षों से भी अधिक समय से किये जा रहे शोध व ग्रामीण जनता को अच्छे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए द नेशनल अकादेमी ऑफ साइंसेज व सोसाइटी फ़ॉर लाइफ साइंसेज द्वारा इंदौर मे आयोजित की गयी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन रिसेंट एडवांसेज इन लाइफ साइंसेज फ़ॉर बेटरमेन्ट ऑफ एनवायरनमेंट एंड ह्यूमन हेल्थ 2019 में बेस्ट साइंटिस्ट के अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में देश विदेश से 600 से अधिक वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, व छात्र छात्राओं ने भाग लिया । प्रोफेसर वंदना राय विगत 20 वर्षो से एम टी एच एफ आर जीन व उससे जुड़े अनुवांशिक व अन्य रोगों पर व फोलिक एसिड के महत्व पर शोध करती रही है। यूनाइट किंगडम की साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी ऑन न्यूट्रिशन ने खाद्य पदार्थों व आटे में फोलिक एसिड फोर्टीफिकेशन के लिए अपनी रिकमेन्डेशनस में भारत से केवल प्रो वंदना राय के चार शोध पत्रों को शामिल किया गया है। उक्त रिकमेन्डेशनस के बाद अव यूनाइटेड किंगडम में भी आटे का फोलिक एसिड फोर्टीफीकेशन किया जा रहा है l प्रोफेसर वंदना राय ने बताया कि विश्व में भारत समेत लगभग 81 से भी अधिक देशो मे आटे व अन्य खाद्य पदार्थों में फोलिक एसिड फोर्टीफिकेशन किया जा रहा है क्योंकि आधुनिक लाइफ स्टाइल में हम लोग प्रोसेस्ड फ़ूड अधिक मात्रा में ले रहे है व फॉलिक एसिड के प्राकृतिक स्रोत जैसे फल व हरी पत्ते दार सब्जियों का सेवन कम कर रहे है जिसके कारण मानव अनेक रोगो का शिकार हो रहे है। उक्त कॉन्फ्रेंस में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ प्रदीप कुमार ने उनके शोधपत्र कॉमट जीन पोलीमोरफिसम के लिए सीनियर साइंटिस्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया ।











