वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मंगलवार को 23वें दीक्षान्त समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने 65 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया। साथ ही 121 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि को प्रमाणित किया। उन्होंने छात्रों का आह्वान कि शिक्षा ग्रहण के उपरान्त सामाजिक कुरीतियों से लड़ें और उन्हें दूर करें। तभी देश में बदलाव आयेगा।
आनन्दी बेन पटेल सुबह करीबी दस बजे पूर्वांचल विश्वविद्यालय पहुंचीं और वीर बहादुर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद शैक्षणिक यात्रा में शामिल हुईं। लगभग सवा दो घंटे तक चले कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि दहेज और टीबी हमारे देश में अभिशाप बन गया है। यूपी में 20 फीसदी लोग टीबी से ग्रसित हैं। पीएम मोदी ने 2025 तक टीबी मुक्त देश बनाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा कि हम टीबी से लड़कर उससे निजात तो पा जायेंगे लेकिन युवाजन को दहेज जैसी कुरीतियों से लड़ना होगा। उन्हें संकल्प लेना होगा कि दहेज न लेंगे न देंगे। उन्होंने आह्वान किया कि हम शिक्षा को बढ़ावा दें ताकि इन कुरीतियों से लड़ सकें।
मुख्य अतिथि इस्कान मंदिर, श्रील प्रभुपाद आश्रम जम्मू-कश्मीर के पूज्यश्री नव योगेन्द्र स्वामी ने कहा कि देश में आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं उनके पीछे सिर्फ निजी सोच और स्वार्थ है। हमने आत्म निर्णय को पीछे छोड़ दिया। आत्मा को समझना बंद कर दिया है। अज्ञानता के कारण से भेद पैदा हो रहा है उसे दूर करने के लिए आत्म को समझना पड़ेगा।
कुलपति प्रो डा. राजाराम यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट पढ़ी। इसके पूर्व अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन के मुख्य द्वार से शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल और डा. मनोज मिश्र ने संयुक्त रूपसे किया। शैक्षणिक यात्रा में कार्यपरिषद, विद्वत परिषद के सदस्य मौजूद रहे।
इस अवसर पर अरुणांचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद, तीन विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक डा.कीर्ति सिंह, टीडी कालेज प्रबंधक अशोक सिंह, पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप आदि मौजूद रहे।












