लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम उन विभागों में से एक है, जो प्रदेश को सबसे ज़्यादा कमाकर मुनाफा देते हैं, लेकिन कोरोना आपदा में भी अवसर तलाशने वाले इस विभाग में भ्रष्टाचार भी कम नहीं है। इसी के चलते अब इसके कई कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है। असल में कोरोना काल मे जब प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचना था, तब ये ज़िम्मा परिवहन विभाग के ही कंधों पर था।
लेकिन बसों के तमाम चालक और परिचालकों ने इसी आपदा में विभाग में जमकर लूटखसोट की। ये लूटखसोट बसों में डीजल चोरी की थी, अभी जून महीने में ही डीजल चोरी के मामलों में चालक और परिचालकों पर कार्रवाई हुई, कई लोगों पर तो एफआईआर भी कराई गई थी।
अब आज फिर विभाग के एमडी धीरज साहू ने डीजल चोरी करने वाले 34 कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। इनमें लखनऊ के कैसरबाग और चारबाग डिपो के कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।
कैसरबाग डिपो के एआरएम गौरव वर्मा को इस संबंध में नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब तलब किया गया है कि वो बताएं कैसे उनकी नाक के नीचे उनके डिपो के चालक, परिचालक डीजल चोरी करते रहे और उनको पता ही नही चला।
इस कार्रवाई की जद में चारबाग डिपो के 12 संविदाकर्मी आए हैं जबकि 19 कैसरबाग डिपो की कर्मचारी हैं।











