अधिक शुल्क को लेकर बीएड के 31 छात्रों का नहीं हुआ प्रोन्नति
कोर्ट ने कुलपति को जांच कराकर निर्णय लेने का दिया निर्देश
परीक्षा नियंत्रक ने प्रबंधक को अभिलेख समेत किया तलब
संकल्प सवेरा जौनपुर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध गाजीपुर के एक महाविद्यालय ने बीएड थर्ड सेमेस्टर के छात्रों का प्रोन्नत रोक दिया। जिसके विरोध में छात्र न्यायालय में पहुंचे। कोर्ट ने कुलपति को जांच करवाने का निर्देश देते हुए छात्रों का प्रोन्नति कराने पर जोर दिया।
परीक्षा नियंत्रक ने कालेज प्रबंधक को अभिलेख के साथ तलब किया। विश्वविद्यालय से संबद्ध गाजीपुर जिले का कालिंदी सिंह महाविद्यालय में बीएड तृतीय सेमेस्टर के 31 छात्रों का सेमेस्टर प्रोन्नति लटका दिया। कालेज ने ऐसे छात्रों का प्रोन्नति आवेदन पीयू को इसलिए नहीं भेजा कि छात्रों से अधिक फीस मांग रहा था। छात्रों ने बीएड फीस के साथ-साथ परीक्षा फीस भी जमा कर दिया था। जब कालेज ने उनका सेमेस्टर प्रोन्नति लटका दिया तो 15 छात्र हाईकोर्ट की शरण में जा पहुंचे।
हाईकोर्ट ने मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कुलपति को निर्देश दिया कि इन 15 छात्रों का मामला निष्पक्ष जांच करवा कर इनका सेमेस्टर प्रोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए। कोर्ट का डायरेक्शन मिलते ही परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह ने तत्काल कालेज के प्रबंधक और प्राचार्य को समस्त अभिलेखों के साथ पूर्वांचल विश्वविद्यालय में तलब किया। लेकिन नतीजा नहीं निकला और तीन सप्ताह से छात्र विश्वविद्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
छात्र जितेंद्र कुमार पाल, रजवन्त,सुमन, रंजना, किशन, पूनम ने कहा कि सभी छात्र कालेज को सभी तरह के शुल्क चुका दिए हैं और छात्रों की छात्रवृत्ति भी आ गई। लेकिन कालेज उनसे अधिक शुल्क को वसूलना चाह रहे हैं ,जिसे हम लोग देने में सक्षम नहीं है । विश्वविद्यालय को कोर्ट का डायरेक्शन रिसीव करा दिया गया है।
लेकिन वह प्रक्रिया लटकी है, जबकि बीएड चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं 27 सितंबर से शुरू होंगी । छात्रों का कहना है कि अगर हम लोगों को फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल नहीं किया तो सबका समय बर्बाद हो जाएगा और हम लोग दोबारा कोर्ट की शरण में जाएंगे।












