जौनपुर,संकल्प सवेरा। जिले में शुक्रवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान व अंतराल दिवस का आयोजन एक साथ सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर किया गया । हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के तहत जिले भर में 2100 के लगभग गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) हुई। साथ ही हर शुक्रवार को मनाए जाने वाले अंतराल दिवस के तहत 128 के करीब महिलाओं को अंतरा का इंजेक्शन लगाया गया। केंद्रों पर आईं महिलाओं को आयरन की गोली के साथ आवश्यक चिकित्सीय एवं पोषण परामर्श दिया गया ।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ सत्य नारायण हरिश्चंद्र ने बताया कि प्रसव से पहले के पूरे नौ माह गर्भवती और शिशु के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान उन्हें अच्छे पारिवारिक वातावरण, घर में उपलब्ध पोषक तत्वों से भरपूर खानपान, आयरन व कैल्शियम की गोलियां देनी चाहिए। अभियान के दौरान उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाओं की पहचान कर उनका उपचार कर आवश्यकतानुसार उच्च इकाइयों के लिए संदर्भन किया गया। इस दौरान लगभग 67 महिलाएं एचआरपी चिह्नित हुईं। अभियान के दौरान सेवाओं की जांच के लिए जिला स्तर पर विभाग तथा यूनीसेफ के अधिकारियों की तैनाती की गई थी।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व एमसीएमओ डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि कोरोना काल में भी परिवार नियोजन की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित करने तथा उन्हें बढ़ावा देने के लिए जिले में हर शुक्रवार को अंतराल दिवस मनाया जा रहा है। महिलाओं को त्रैमासिक गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा लगाया जा रहा है। अंतरा इंजेक्शन अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए एक सुरक्षित विकल्प है। यह इंजेक्शन एक बार लगवाने पर तीन माह तक अनचाहे गर्भ से छुटकारा मिल जाता है। महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए अंतरा गर्भ निरोधक इंजेक्शन की शुरुआत की गई है। डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि वर्ष 2020-21 में जिले में लगभग 4500 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवा कर परिवार नियोजन में अहम भूमिका निभाने के साथ उस पर भरोसा जताया था।
आसानी से जुड सकती हैं महिलाएं :
जिला कार्यक्रम प्रबंधक सत्यव्रत त्रिपाठी ने बताया कि जिले के कुल 25 सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हुआ । गर्भवती को सफल एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के लिए जिला स्तर से स्त्री रोग विशेषज्ञ/महिला चिकित्साधिकारियों को गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच व उपचार के लिए तैनात किया गया था। केन्द्रों पर आईं गर्भवतियों की सिफलिस, एचआईवी, हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप, रक्तचाप, वजन की जांच हुई। इस दौरान केंद्रों पर स्टाफ नर्स/परिवार कल्याण परामर्शदाता ने परिवार नियोजन एवं प्रसव पूर्व खानपान के संबंध में जानकारी दी।
टोल फ्री अंतरा केयरलाइन 1800-103-3044 के जरिए महिलाएं इससे आसानी से जुड सकती हैं। अंतरा लगवाने वाली महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल होते हैं, जिसे वह किसी से भी पूछने से हिचकिचाती हैं। ऐसे में इस टोल फ्री नम्बर से बड़ी असानी से अपने हर सवाल का जवाब घर बैठे ही ले सकती हैं। टोल फ्री नम्बर डायल करने पर अंतरा से जुड़ी हर समस्या पर उचित सलाह परार्मशदाता से आसानी से मिल जाती है। अंतरा इंजेक्शन लगवाते ही लाभार्थी अंतरा केयरलाइन नंबर डायल करके पंजीकरण कराएं ताकि उन्हें समय-समय पर जरूरी सलाह मिलती रहे। सुबह आठ बजे से शाम नौ बजे तक इस नंबर पर कॉल की जा सकती है।
रामनगर सीएचसी पर आईं प्रीती पत्नी जितेंद्र गौड़ का प्रसव पूर्व का सातवां महीना था। वह तीसरी बार जांच कराने आईं थीं। वह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्टाफ नर्स के व्यवहार से बहुत खुश थीं।












