दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (इओडब्ल्यू) ने हजारों करोड़ो की ठगी में गार्वित इनोवेटिव प्रोमोटर्स लिमिटेड नामक कंपनी (बाइक बोट) के 16वें निदेशक को गिरफ्तार किया है। कंपनी ने दिल्ली सहित देश भर के हजारों लोगों से करीब 42 हजार करोड़ की ठगी कर रखी है। आरोपित ने मोटरसाइकिल में निवेश करने पर आकर्षक कमाई का झांसा देकर लोगों से ठगी की थी। कंपनी के खिलाफ उत्तर प्रदेश (यूपी) सहित अन्य राज्यों में कई मुकदमे दर्ज हैं।
इओडब्ल्यू के संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. ओ.पी. मिश्रा ने बताया कि कई लोगों ने ठगी की शिकायत पुलिस में दी थी। पीड़ितों के मुताबिक दादरी स्थित गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर लिमिटेड ने फर्जी योजना के तहत लोगों को मोटरसाइकिल पर 62 हजार रुपये निवेश करने के लिए प्रेरित किया था। कंपनी ने मोटरसाइकिल को एक वर्ष के लिए किराए पर रखने पर 95 सौ रुपये एक वर्ष तक देने का वादा किया था। कंपनी ने बाद में वर्ष 2019 में इलेक्ट्रिक बाइक योजना शुरू की और लोगों से इसके लिए 1.24 लाख रुपये जमा करवा लिए। वहीं, इसका किराया के रूप में एक वर्ष तक 17 सौ रुपये की सुनिश्चित राशि हर महीने चुकाने की बात कही थी।
आकर्षक योजना को देख लोग ठगों के झांसे में आ गए और कंपनी में निवेश कर दिया। उधर रुपये लेने के बाद कंपनी के निदेशक कंपनी बंद कर फरार हो गए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की तो पता चला कि कंपनी ने लोगों से गैरकानूनी तरीके से 42 हजार करोड़ रुपये की ठगी की है। इसमें करीब 8000 शिकायतकर्ता दिल्ली के हैं और उनसे करीब 250 करोड़ रुपये ठगे गए। लोगों के रुपये से निदेशकों ने करोड़ों की संपत्ति बनाई। इस संबंध में कंपनी पर लखनऊ की प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर रही है। बाद में इओडब्ल्यू ने कंपनी के 15 निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया था।
वहीं, पता चला कि 16वां निदेशक सचिन भाटी ठगी के एक मामले में गौतम बुद्ध नगर की लुक्सर जेल में बंद है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने अदालत की अनुमति के बाद जेल से ही सचिन भाटी को गिरफ्तार कर लिया। उससे ठगी के संबंध में पूछताछ की जा रही है।












